सेना बुला रही है, लेकिन क्या आपको पता है जाना कैसे है…

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26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस है। कारगिल विजय भारत के जांबाज फौजियों की बदौलत हासिल हुई है। सीमा पर तैनात सैनिक ही हैं जो दिन- रात अपनी ड्यूटी करते हैं तब देश के नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं। ज्यादातर युवा सेना में जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सेना में उपलब्ध पदों तथा उनके लिए चयन कैसे होता है, यह जानकारी कम होती है, इसलिए केवल जवान बनने की होड़ लग जाती है और सेना भर्ती परीक्षा में लाखों लोग एक साथ दौड़ पड़ते हैं। यहां पढ़िए भारतीय सेना के किन-किन अंगों में कौन से अवसर उपलब्ध हैं तथा उन्हें पाने के लिए क्या करना होता है।


रक्षा के क्षेत्र में कॅरियर देश में सबसे प्रतिष्ठित एवं सम्मानित कॅरियर में से एक माना जाता है। ऐसे युवा जो उत्साह, साहस एवं चुनौतियों से भरे क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह उनकी सारी पेशेवर उम्मीदों की पूर्ति करता है। इनमें जाने की तैयारी कम उम्र से ही की जाए तो बेहतर होता है। भारतीय सशस्त्र सेना के चार अंग हैं – थल सेना, नौ सेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक। इनके अलावा सेना की मदद के लिए 7 अर्द्ध सैनिक बल और इंटर सर्विस इंस्टीट्यूशंस हैं। सेना में जवान सेलेकर सेना अध्यक्ष तक बहुत से पद होते हैं। अफसरों की भर्ती संघ लोक सेवा आयोग की एनडीए, एनए, सीडीएस तथा शॉर्ट सर्विस कमीशन परीक्षाओं आदि के माध्यम से होती है। निचलेस्तर के पदों पर भर्ती सेना भर्ती बोर्डों के द्वारा होती है। तकनीकी और गैर तकनीकी दोनों तरह के पद होते हैं। सशस्त्र सेनाओं में भर्ती स्वैच्छिक है इसमें किसी भी जाति, वर्ग, धर्म एवं समुदाय के युवा आवेदन कर सकते हैं बशर्ते कि वे शारीरिक, मेडिकल व शैक्षिक मानदंडों को पूरा करते हों।

यूपीएससी करती है कमीशंड अफसरों की भर्ती

  • संघ लोक सेवा आयोग सेना में अफसरों की भर्ती के लिए साल में दो बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है।
  • राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) एवं नौसेना रक्षा अकादमी (एनए)
  • संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा
  • शार्ट सर्विस कमीशन (तकनीकी) में प्रवेश

इनके अलावा सेना में कमीशंड अधिकारियों की भर्ती अन्य माध्यमों से भी की जाती है। सेना के अंतर्गत स्थायी एवं शार्ट सर्विस कमीशन होते हैं। स्थाई कमीशन देहरादून के भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) एवं शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) चेन्नई के अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) के माध्यम से प्रदान किया जाता है। अगर आप सेना में स्थायी रूप से अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं, तो स्थायी कमीशन का विकल्प लें। इसमें आप रिटायरमेंट तक सेना में रहते हैं। कम समय सेना में रहना चाहते हैं तो एसएससी बेहतर विकल्प है। इसमें आप पांच साल तक सेना में कमीशंड अफसर रह सकते हैं। बाद में स्थायी कमीशन चुनने का विकल्प भी रहता है। युवतियां भी शार्ट सर्विस कमीशन चुन सकती हैं। अधिकारी स्तर से नीचे के कर्मियों की भर्ती के लिए भर्ती बोर्ड समय समय पर विज्ञापन निकालते हैं।

भारतीय वायु सेना में कॅरियर

वायुसेना में भी कमीशंड अफसरों की भर्ती मुख्य रूप से यूपीएससी करती है। तकनीकी शाखाओं, महिला विशेष प्रवेश योजना, एनसीसी विशेष प्रवेश योजना, सेवाओं हेतु प्रवेश में भर्ती भारतीय वायु सेना के भर्ती निदेशालय द्वारा की जाती है। आप अपनी योग्यता के अनुसार भारतीय वायु सेना के विभिन्न शाखाओं में से किसी एक शाखा में शामिल हो सकते हैं।

तीन प्रमुख शाखाएं हैं, जिसके अंतर्गत कई उपशाखाएं हैं।

  • उड़ान शाखा (फ्लाइंग ब्रांच)
  • तकनीकी शाखा
  • जमीनी शाखा (ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच)

समुद्र की लहरों पर रक्षा का दायित्व…

हमारे देश के तीन तरफ समुद्र है, इसलिए नौसेना का बड़ा महत्व है। सागर की लहरों पर रहते हुए अपनी ताकत व शौर्य दिखाने का इसमें मौका मिलता है। यह रोमांच के साथ देशसेवा का जज्बा साबित करने का अवसर प्रदान करती है।

नौसेना की प्रमुख शाखाएं
  • कार्यकारी शाखा
  • अभियांत्रिकी शाखा
  • विद्युत शाखा
  • शैक्षिक शाखा

भारतीय तटरक्षक बल

तटरक्षक अधिकारी का जीवन उल्लासपूर्ण, कड़ी मेहनत, व्यावसायिक विशेषताओं, जोखिम एवं साहसिक कार्यों से परिपूर्ण होता है। उनके पास भारत एवं विदेश के विभिन्न स्थानों पर आने-जाने का अवसर होता है। युवाओं के लिए तटरक्षक जहाज पर गतिविधियाँ एक आकर्षक, साहसिक एवं चुनौतीपूर्ण अनुभव है। समुद्र में मानवीय जीवन को बचाना, मुसीबत में फंसे मछुआरों की सहायता करना, शिकारियों को पकड़ना एवं समुद्री जैव-विविधता को संरक्षित करना तटरक्षक कर्मी को कार्य-संतुष्टि प्रदान करता है। समुद्र में प्रत्येक दिन एवं प्रत्येक मिशन अपने आप में एक नई चुनौती होती है।
ये हैं तटरक्षक बल में जाने के मार्ग : 1.अधिकारी स्तर पर प्रवेश 2.नौसैनिक स्तर पर प्रवेश
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल
भारतीय अर्द्ध-सैनिक बल भी समय-समय पर विभिन्न पदों के लिए भर्तियां करता है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत ये पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आते हैं :

  • सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) : सामान्यतया इस पर देश की सीमाओं की रक्षा का दायित्व है। यह दुनिया का सबसे बड़ा सीमा संरक्षण बल है।
  • केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) : यह देश की महत्वपूर्ण इमारतों व स्मारकों को सुरक्षा प्रदान करता है। इनमें परमाणु अधिष्ठान, अंतरिक्ष प्रतिष्ठान, हवाई अड्डे, बंदरगाह, बिजली संयंत्र आदि शामिल हैं।
  • केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) : इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेशों में कानून व्यवस्था बनाए रखना एवं आतंकवाद को रोकने में पुलिस की मदद करना है।
  • भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) : एक विशेषज्ञ पर्वत सेना है। इस बल के सभी अधिकारी एवं सैनिक प्रशिक्षित पर्वतारोही एवं स्कीयर होते हैं। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाला सीमा रक्षा बल है।

असम राइफल्स

असम राइफल्स अपने 46 बटालियनों एवं संबद्ध कमान एवं प्रशासनिक बैकअप वाला शक्तिशाली संगठन है मंत्रिसमूह (जीओएम) समिति द्वारा इसे भारत-म्यांमार सीमा की रखवाली की जिम्मेदारी दी गई है एवं यह एक खुफिया एजेंसी भी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी): इसमें दो समूह आते हैं। पहला विशेष कार्रवाई समूह (एसएजी), जिसमें सेना कर्मी होते हैं एवं दूसरा विशेष रेंजर समूह (एसआरजी) जिसमें अर्द्ध सैनिक/राज्य पुलिस बलों के कर्मचारी होते हैं। इसमें सभी कर्मी प्रतिनियुक्ति पर रखे जाते हैं।
 

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